Wednesday, 5 October 2011

I betrayed my husband and now I am into trouble - Please help me!


I have got some serious trouble, please help me on what to do?
I am 24 years of age female, got married 2 years ago and it was a love marriage. My husband is working in a software company. We dont have children yet. 4 months back I found out that he is been into an affair with his colleague. I found out and that happened to be a huge fight when I asked about it to him.
He straight away said he would be continuing his affair with that girl. There were several fights, in which I had also got beaten and injured. I did not know how to take this issue to the parents because they are not talking with us since this marriage was without their consent.
I was very dejected. A month ago, my hubby's friend who used to visit our home and be friendly with us came to know the issue at home. He was very supportive to me during that stages. He was so loving and caring. Depressed and dejected, out of frustration and in the thought of vengeance I ended up in having a physical relationship with him.
I felt regretted for my acts. And then decided not to continue this. The next time he approached for physical relationship, I refused. Then I was shocked to know that he had secretly captured our intercourse in a cam. He is now threateing me to show it to hubby and my parents and put it in the internet. I dont know what to do?
He says until and unless I agree to his sexual favors he wont publish it to others. I am very depressed. I know what I did is a mistake, I feel regretted.
Please help me

Should I share my boyfriend with my sister?

I am Madhu 22 years old unmarried girl and my boy friend is also of the same age and his name is Akash. We both are having physical relationship from the past 3 months. Recently my elder sister visited my place after 4 years of her marriage. She has no kids till now and during our conversation I came to know that my sister's husband is not capable to pregnant her.
He is medically unfit to pregnant her and my sisters inlaws are not aware about his problem and they always try to say that the problem is with my sister. Now my sisters husband is planning to marry another girl and my sister is very upset regarding this. Now my sister is requesting me to allow her to have Sex with my boy friend so that she will be able to conceive. What shall I do now?
Shall I share my boy friend with my sister?

AskAnjali: Which type of condom is more pleasurable for female partner?



 

Hi Anjali bhabi and friends,

As we know all there are many types (design) of condoms available in Indian market like,

1. Dotted condom
2. Ribbed condom
3. Dotted and ribbed condom

This question came in my mind during my intercourse is that; by the female organ structure, which type of comdom excites more and gives more pleasure to female partner? 

Is Female ejaculation is a reality or its man's fantasy?


Can a woman ejaculate like man? My husband asks me to ejaculate but I cant. He has shown some films on this subject where I saw the women ejaculating, but I always think that is the urine and not as mentioned in the theory.
I read some articles where it is mentioned that women have some gland from where the ejaculation happens. My husband arouses me a lot at G-spot (he terms it as G-spot). I also feel extremely pleasurable but cant ejaculate as he wants.
Can any woman answer this question? Even any husband having such experience with his wife please share.

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एकाकीपन में खुशी


एकाकीपन में खुशी


 यह कथा है एक उदासीन जीवन गुजार रही एक नवयौवना की, जिसने अपने बचपन से यौवन तक इतना ज्यादा एकाकीपन झेला था कि उससे निपटने का रास्ता उसने खुद ही ढूँढ लिया। अब आप लोग ही बताना कि यह सही था या गलत?
मेरा नाम अशोक है, मुंबई में रहता हूँ, उम्र 21 साल है। मेरे घर में कुल चार लोग हैं- मैं, मेरे माता पिता और मेरी बड़ी बहन। माता-पिता दोनों ही एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में अच्छे पद पर हैं। मेरे घर में पैसे की कोई कमी नहीं है। नौकर-चाकर, गाड़ी और शानो-शौकत की हर चीज़ हमारे घर में है। मेरे माता पिता हम दोनों भाई-बहन को समय नहीं दे पाते थे। इसलिए मुझे बचपन में ही बोर्डिंग में पढ़ने भेज दिया गया था। जबकि मेरी बड़ी बहन रश्मि मुंबई में रह कर ही पढ़ी है। दीदी की उम्र 25 साल है। वो हमेशा से ही अन्तर्मुखी रहने वाली और बहुत ही फेशनेबल है। उसके कोई खास सहेली या दोस्त नहीं थे और यह बात मुझे उसमें अजीब लगती थी।
मगर मुझे इसकी वजह तब समझ आ गई, जब मुझे यह पता लगा कि दीदी के हमारे घर के सभी नौकरों के साथ शारीरिक-सम्बन्ध हैं। बात कई साल पहले की है, जब दीदी 18-19 के करीब होंगी। दीदी उस समय किसी पूर्णतया जवान कन्या जैसे शरीर की मालकिन थी। उनका कद 5'5" और फिगर एकदम बढ़िया थी। मैं गर्मी की छुट्टियों में मुंबई आया था। दिन भर मुंबई की सैर की, फिर रात को दीदी के साथ खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया।
दस मिनट गुजरे होंगे, मुझे दीदी के कमरे से किसी आदमी की आवाज़ आई। दीदी का कमरा और मेरा कमरा सटा हुआ ही था। मुझे बड़ा अजीब लगा, क्योकि पापा तो थे नहीं, फिर दीदी इतनी रात को किस से बात कर रही है? मैंने सोचा कि शायद टीवी चल रहा है, मगर मुझे दीदी की दबी हुई चीख और कुछ हंसने खिलखिलाने की आवाज़ आई, तो मेरे अन्दर कीड़ा काटने लगा, आखिर दीदी किस से बात कर रही है? मेरे और दीदी के कमरे के बीच में एक खिड़की थी। मैंने एक स्टूल दीवार के पास लगा लिया और स्टूल पर चढ़ गया। अन्दर का दृश्य देख कर मेरे होश फाख्ता हो गए।
मैंने देखा कि हमारे घर का एक नौकर जावेद दीदी के बिस्तर पर अधनंगी अवस्था में लेटा है और दीदी उसकी कमर के ऊपर दोनों ओर पैर करके सवार है और बेतहाशा जावेद के शरीर को चूमे जा रही है। मैं इतना नादान नहीं था कि यह क्या चल रहा है, समझ न पाता।
जावेद के हाथ दीदी की टी-शर्ट के अन्दर थे और उनकी छातियों से खेल रहे थे। मुझे गुस्सा आया मगर मैं कुछ बोल न पाया क्योंकि मैं यह समझता था कि यह दीदी की रजामंदी से हो रहा है और न ही वो नादान है। शायद दीदी ने अपने अकेलेपन को इन्हीं नौकरों के साथ गुजारा था, इसलिए वो इन सब चक्करों मे पड़ गई होगी।
मैं चुपचाप उनके खेल को देखने लगा। दीदी ने जावेद के सर को पकड़ रखा था और अपने होठों को जावेद के होठों से चिपका कर चूमे जा रही थी। जावेद भी उतनी ही जोर से उन्हें अपने बदन से चिपटाए हुए था। दीदी उसके होठों, माथे, गर्दन को चूमते हुए छाती की ओर आ गई। जावेद की छाती के घने बालों को सहलाते हुए चूमते चूमते वो पेट की तरफ पहुँच गई।
फिर दीदी जावेद के ऊपर से उठ गई और उसने जावेद की तरफ देख कर हल्की रहस्यमयी मुस्कान दी। जावेद ने भी मुस्कुराते हुए दीदी की तरफ देखा। दीदी ने अपने हाथों से जावेद का अंडरवियर उतार कर उसे नंगा कर दिया, फिर उसके लिंग को पकड़ लिया।
जावेद के लिंग को देखकर मैं आश्चर्यचकित रह गया। जावेद का लिंग करीब 9 इंच लम्बा और 2 इंच मोटे व्यास का था। दीदी ने उसके लिंग और अंडकोष को प्यार से सहलाया। दीदी के हाथ के स्पर्श से ही उसके शिथिल लिंग में कसाव बढ़ गया। दीदी ने मुस्कुराते हुए लिंगमुंड को चूमा। फिर दीदी ने तुरंत उसका लिंग-मुंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी।
मैं विश्वास नहीं कर पा रहा था, मैंने अपने दोस्तों से सुना था कि लड़कियाँ इस तरह से मुखमैथुन करती हैं, वो कहते थे कि लड़कियों को ऐसा करना अच्छा लगता है, मगर मैं उनकी बातों को मजाक समझता था। मगर दीदी को इस तरह से करते हुए देख मुझे यकीन हो गया कि सच में उसे मजा आ रहा है।
दीदी उसके लिंग को मुँह के अन्दर लेते हुए ऊपर नीचे सर को चलाने लगी। जावेद का लिंग उनकी लार से सन गया था और चमकने लगा था। उसके लिंग की नसें तन गई थी। दीदी उसके आधे लिंग को मुँह में अन्दर लेकर चूसती थी फिर लिंग मुंड को चूसती थी। उसका लिंग मुंड लाल रसभरी की तरह फूल गया था।
जावेद ने दीदी के सर पर हाथ रख कर सर को लिंग की तरफ दबाया ताकि दीदी और ज्यादा लिंग को मुँह के अन्दर ले ले। मगर दीदी को खांसी आ गई। दीदी ने लिंग को मुँह से बाहर निकाल कर 'नहीं' की मुद्रा में सर हिलाया तो जावेद ने अपनी जिद छोड़ दी।
दीदी ने उसके बाकी लिंग को बाहर से चाट चाट कर चूसा। करीब 5 मिनट चूसने के बाद जावेद का लिंग दीदी ने छोड़ दिया। फिर उसकी कमर के दोनों तरफ पैर करके लिंग के ऊपर बैठकर अपनी कमर चलाने लगी।
जावेद उठकर बैठ गया और दीदी को उसने ठीक से अपनी गोद में बैठा लिया। दीदी ने उसकी गर्दन के चारो ओर अपने हाथों को लपेट लिया और जावेद के सर को अपने स्तनों के बीच दबा लिया। दीदी अपनी कमर को वैसे ही जावेद के लिंग के ऊपर चला रही थी। दीदी के चेहरे पर मस्ती की सुर्खी साफ़ नज़र आ रही थी क्योंकि उनकी योनि पर जावेद के लिंग की रगड़ उन्हें आनंदित कर रही थी। जावेद ने दीदी की स्कर्ट को जाँघों तक ऊपर उठा दिया। दीदी की दूधिया गोरी गोरी जांघें और पिंडलियों को जावेद सहलाने लगा। जावेद के हाथ सरकते हुए दीदी के चूतड़ों तक पहुँच गए। दीदी के चूतड़ों को उसने पकड़ कर उसने उनकी कमर को अपनी कमर से चिपटा लिया।
दो मिनट तक दोनों अपनी कमर को चलाते हुए अपने जननांगों को ऐसे ही रगड़ते रहे। दोनों ही मस्ती में सराबोर हो गए थे। जावेद ने दीदी की टी-शर्ट को ऊपर की ओर उठा दिया। दीदी के कोमल गौर धड़ की एक झलक देखने को मिली। दीदी ने अपने हाथ ऊपर को किये और जावेद ने उनकी टी-शर्ट को उतार कर फेंक दिया। अन्दर दीदी ने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी।
मैंने जिंदगी में पहली बार किसी लड़की को इस रूप में देखा था, तो मैं भी उत्तेजना से कांप गया। दीदी का पूरा शरीर जैसे किसी सांचे में ढाल के बनाया गया था। काली ब्रा में उनके शरीर की कांति और भी बढ़ गई थी। ब्रा के अन्दर दीदी के बड़े बड़े स्तन कैद थे, जो बाहर आने को बेकरार लग रहे थे।
जावेद के हाथों ने तुरंत उन्हें अपने कब्जे में ले लिया और बड़ी बुरी तरह उन्हें मसला। दीदी की ब्रा पारभासी थी, जिसकी वजह से में उनके गहरे रंग के चुचूक देख पा रहा था। मैंने कभी किसी के स्तनों को छूकर नहीं देखा था, मगर मैं जावेद को हो रहे उस गुदाज़ स्पर्श का आनंद महसूस कर सकता था। दीदी के स्तन बहुत ही गुदाज़ थे, इसका अंदाजा इससे ही लग रहा था, जब जब जावेद उन्हें अपने कब्जे में ले लेता था, दीदी की ब्रा के कप्स के साइड से स्तन का जो हिस्सा बाहर दिख रहा था, वो फूल जाता था।
जावेद ने दीदी के स्तनों अग्र भाग को अपनी उँगलियों से चुटकियों से पकड़ कर गोल गोल घुमाया, तो दीदी सिसिया उठी क्योंकि उसने दीदी के चुचूक पकड़ लिए थे। उसने चुचूकों को जोर से मींसा तो दीदी फिर से सिसिया उठी, मगर दर्द से। दीदी ने अपने चुचूकों को जावेद के हाथों से छुड़ा लिया। दीदी के चुचूक तन गए थे, जो की ब्रा में उभर आये थे। जावेद ने उन पर अपनी उँगलियों के पोर को गोल गोल नचाते हुए छेड़ा, तो दीदी गुदगुदी के मारे फिर से सिसिया उठी।
जब गुदगुदी दीदी से बर्दाश्त नहीं हुई तो वो जावेद के छाती से अपने स्तनों को चिपका कर लिपट गई। जावेद ने दीदी की स्कर्ट के हुक खोले और फिर साइड चेन खोल कर स्कर्ट को उनके शरीर से अलग कर दिया। दीदी ने अन्दर सफ़ेद रंग की पैंटी पहनी थी। जावेद ने उनकी जांघो के ठीक बीच में अपना हाथ फिराया और हल्के हल्के दीदी के योनि प्रदेश को सहलाने लगा। दीदी भी सिसियाते हुए उत्तेजित हो रही थी। जावेद ने उनकी ब्रा से स्तनों को बाहर निकाल लिया। दीदी के स्तनों को नग्न देख कर मेरी हालत खराब हो गई। उनके स्तनों में कसाव था, तनिक भी लचक नहीं थी, गोरे गोरे स्तनों पर गहरे भूरे रंग के चुचूक बहुत ही प्यारे लग रहे थे।
जावेद ने दीदी के एक स्तन को अपनी मुठ्ठी में कैद कर लिया और जोर जोर से दबाने लगा और दूसरे स्तन के चुचूक को अपने होठों में दबा कर चूसने लगा। दीदी बहुत ही उत्तेजित हो गई थी, उनकी आँखें बोझिल और लाल हो गई थी। जावेद के सर को अपने हाथों से पकड़ कर उसका मुँह उन्होंने दूसरे चुचूक से सटा दिया, जावेद उनकी मन:स्थिति समझ गया और उसने दूसरे चुचूक को मुँह में लेकर चूसकर इन्साफ किया। जावेद ने दीदी के स्तनों को हल्के हल्के दांत से काटा, दीदी थोड़ी थोड़ी देर में उसका सर पकड़ कर दूसरे तरफ के चुचूक की ओर ले जाती, जाहिर था दीदी को मजा आ रहा था। और जब कभी जावेद जोर से स्तनों को काटता था, तो अपने स्तनों को उसके मुँह से छुड़ाकर बनावटी गुस्सा दिखाती थी, और फिर अगले ही पल अपना चुचूक जावेद के मुँह को समर्पित कर देती थी। जावेद ने काफी देर तक दीदी का दूध पिया। दीदी के स्तनों पर उसकी उँगलियों और दांतों के लाल निशान पड़ गए थे।
दोनों ही अब काफी उत्तेजित हो गए थे। जावेद ने दीदी को बिस्तर पर बैठाया और खुद खड़ा हो गया। दीदी के मुँह में उसने फिर से अपना लिंग डाला। दीदी ने तुरंत लिंग को जोर जोर से चुसना शुरू कर दिया। दो मिनट चुसवाने के बाद जावेद ने लिंग को दीदी के मुँह से खींच लिया। दीदी ने दुबारा चूसने के लिए मुँह खोला, उससे पहले ही जावेद ने उनके कंधों को पीछे को धकेल कर उन्हें बिस्तर पर चित्त लिटा दिया। जावेद ने दीदी की पैंटी की लास्टिक में उँगलियाँ फंसा कर पैंटी को उतार लिया, ब्रा के स्ट्रेप को कंधे से नीचे उतार कर स्तनों को ब्रा की कैद से पूरी तरह विमुक्त कर दिया और फिर दीदी की टांगों को फैला कर खुद बीच में लेट गया।
मैं शुरू में बस यह सोच रहा था कि दीदी केवल हल्की-फुल्की मस्ती कर रही है, दीदी शायद बस मुखमैथुन ही किया करती होगी मगर अब तो मुझे लग गया कि दीदी जावेद के साथ सेक्स करने के लिए तैयार है।
मुझे दीदी की चिंता होने लगी कि कैसे वो इतना मोटा लिंग झेल पाएगी क्योंकि मेरे दोस्तों ने बताया था कि मोटा लिंग लड़की को शुरू में बेहिसाब दर्द देता है। जावेद ने दीदी की योनि को सहलाया, फिर उस पर पास में पड़ी तेल की बोतल से तेल निकाल कर तेल लगाया। दीदी की योनि एक छोटी सी दरार जैसी दिख रही थी। जावेद अपनी ऊँगली को योनि के अन्दर डालकर चलाता तो दीदी मस्ती से सिसियाने लगती थी।
दीदी की योनि को अच्छी तरह से तेल से मालिश कराने के बाद जावेद फिर से दीदी की टांगों के बीच बैठ गया। जावेद ने दीदी की योनि के मुँह पर अपना लिंग-मुंड टिकाया तो दीदी की योनि के भगहोष्ट ऐसे खुल गए जैसे लिंग अन्दर लेने को तैयार बैठे हो। जावेद ने दीदी की कमर को अपने मजबूत हाथों से पकड़ लिया। दीदी ने भी उसकी कमर के चारों ओर अपनी टाँगें लपेट के घेरा बना कर जकड़ लिया। जावेद ने अपनी कमर को दीदी की तरफ ठेल दिया।
जावेद का लिंगमुंड दीदी की योनि के होठों को फैलाता हुआ अन्दर चला गया। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि कैसे इतना मोटा लिंग-मुंड दीदी की संकरी सी योनि में अपनी जगह बना लिया। जावेद ने दुबारा कोशिश करके थोड़ा सा लिंग और अन्दर प्रवेश करा दिया। दीदी हल्के हल्के सिसकारियाँ ले रही थी। फिर जावेद ने एक जोरदार झटका मारकर लिंग को काफी अन्दर तक योनि की गहराई तक अन्दर पंहुचा दिया कि दीदी की चीख निकल आई।
मैंने दीदी के चेहरे को देखा तो मैं समझ गया कि दीदी को दर्द हो रहा है। जावेद ने दुबारा वैसा ही झटका मारा, तो दीदी इस बार दर्द से दोहरी हो गई। दीदी ने जावेद की गर्दन में अपने हाथ लपेट कर उसके मुँह को अपने सीने से चिपका लिया।
जावेद ने दीदी के चुचूक को मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा और एक हाथ से उनके एक स्तन को जोर-जोर से भींचने लगा।
दीदी एक मिनट में ही सामान्य नज़र आने लगी क्योंकि उनके मुँह से हल्की हल्की उत्तेजक सिसकारियाँ निकल रही थी और जावेद पर उन्होंने अपनी पकड़ ढीली कर दी थी। जावेद ने फिर से एक जबरदस्त शोट मारा दीदी इस बार दहाड़ मार के चीख पड़ी।
दीदी बोल पड़ी- दो मिनट रुक नहीं सकते ! मेरी जान निकली जा रही है दर्द के मारे ..स्स्स्स ....स्सस्सस्सस ...
मैंने देखा कि इस बार दीदी की आँखों में आँसू तक आ गए थे। मुझे ऐसा लगा कि जावेद उनका बलात्कार कर रहा है। जावेद ने एक बार "सॉरी" बोलकर दीदी के होठों को अपने होठों से चिपका लिया और जोर-जोर से उन्हें चूमने लगा और साथ ही दीदी के स्तनों को दबाने लगा। दीदी भी उतनी तेजी से उसे चूम रही थी। जावेद हल्के हल्के अपनी कमर चला रहा था। अब दीदी धीरे धीरे सामान्य होती लग रही थी। मुझे इतना समझ आया कि जब दीदी को दर्द होता था, जावेद उन्हें उत्तेजित करके दर्द को ख़त्म कर देता था।
दीदी ने अपने टांगो को जकड़ को जावेद की कमर के चारों ओर कस लिया।
जावेद ने दीदी के होठों को छोड़ दिया और पूछा- अब डालूँ क्या? दर्द तो नहीं है ना?
दीदी बोली- आराम आराम से डालो लेकिन ! जल्दी क्या है? मैं कोई भागे थोड़ी न जा रही हूँ?
जावेद बोला- मैं तो समझता हूँ, लेकिन यह नहीं समझता, यह पूरा अन्दर जाना चाहता है.. (उसका इशारा अपने लिंग की ओर था..)
दीदी बोली- इसको बोलो, अपनी रानी को दर्द न दे, प्यार से धीरे धीरे करे न, तो रानी भी पूरा आराम से करने देगी।
अभी भी मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि क्या दीदी अपनी योनि में जावेद का नौ इंची लिंग पूरा ले पाएगी? मुझे लगा शायद उत्तेजना की वजह से वो जावेद से ऐसी सेक्सी बातें कर रही होगी .. खैर..
जावेद ने अपनी पोजीशन ली। अपनी ऊँगली को दीदी की योनि की तरफ ले गया और हल्के हल्के हाथ चलाते हुए कुछ सहलाने लगा। मैं ठीक से देख तो नहीं पा रहा था कि वो क्या सहला रहा है, मगर इतना देखा कि उसकी हरकत से दीदी पागल हुए जा रही थी। दीदी जोर-जोर से सिसिया रही थी और कह रही थी- जावेद रुक जाओ ! जावेद रुक जाओ ! प्रिंस (लिंग) को अन्दर डालो !
मैंने देखा कि जावेद का आधा लिंग तो अभी भी दीदी की योनि के बाहर था। दीदी ने जावेद के हाथ को पकड़ कर उसकी हरकत को रोकना चाहा मगर जावेद ने अपनी हरकत को बंद नहीं किया बल्कि उसने एक जोरदार झटका मारकर अपना लिंग दीदी की योनि में काफी अन्दर तक ठूंस दिया। इस बार दीदी के मुँह से उफ़ भी नहीं निकली बल्कि वो आह.. सी.. स्स्स्स...सस... की आवाज़ें निकाल रही थी।
जावेद ने एक और झटका मारा तो दीदी बोली- पूरा अन्दर गया न ! अगर बचा है तो वो भी डाल दो ! मुझे बहुत अच्छा लग रहा है !
जावेद ने हरी झंडी देखकर तीन चार जोरदार शॉट मारे और अपना लिंग जड़ तक दीदी की योनि में घुसा दिया और अपने होठों को दीदी के होठों से चिपका कर उनके ऊपर चित्त लेटा रहा। दीदी की आँखों में इस बार फिर से आंसू आ गए थे। मैं समझ गया अगर जावेद दीदी के होठों को अपने होठों से सील नहीं करता तो दीदी फिर से दहाड़ मार के चीखती।
दो मिनट तक वो वैसे ही उनको चूमते हुए उनके ऊपर लेटा रहा। फिर उसने अपनी कमर को धीरे धीरे गति दी। वो धीरे से कुछ इंच लिंग दीदी की योनि से निकालता और फिर से उसे अन्दर प्रवेश करा देता। जब दीदी के शरीर कुछ ढीला हुआ तो जावेद समझ गया कि अब उन्हें दर्द नहीं है। उसने दीदी के होठों को आजाद कर दिया और उनकी आँखों में झांकते हुए पूछा- अब ठीक है?
दीदी ने बस इतना कहा- जालिम, जान ले लो मेरी।
और दीदी ने फिर से जाबेद के होठों को अपने होठों से चिपका लिया। जावेद ने अब झटकों की गति और गहराई दोनों ही बढ़ा दी। दीदी ने अपनी टाँगें ढीली कर ली। अब मैं वो नज़ारा साफ़ देख पा रहा था कि कैसे जावेद का नौ इंची पिस्टन दीदी की योनि रूपी इंजिन में आराम से अन्दर बाहर आ जा रहा था। दीदी की योनि का छल्ला उसके लिंग पर एकदम कसा हुआ था। दीदी के चूतड़ के नीचे मैंने चादर को देखा तो वो भीगी हुई थी। दर असल दीदी की योनि से कुछ द्रव रिस रहा था जो उनके चूतड़ों के बीच की घाटी से होते हुए नीचे चादर को भिगो रहा था। इस द्रव में भीग कर जावेद का लिंग भी चमक रहा था।
दीदी ने जावेद के होठों को छोड़ दिया और जोरजोर से सिसिकारियाँ लेने लगी। दीदी कमर को उठा-उठा कर जावेद के लिंग को पूरा पूरा अपनी योनि के अन्दर ले रही थी। जावेद भी अपने लिंग को लगभग पूरा बाहर निकाल कर वापस दीदी की योनि में जड़ तक ठूंस देता था।
मुझे अपने दोस्तों द्वारा बताई गई दो बातों पर अब यकीन हो गया कि मोटा लिंग लड़की को घुसाते समय तकलीफ देता है मगर घुसाने के बाद उतना ही ज्यादा मजा भी देता है। मुझे यह बात समझ आ गई कि अगर संयम, उत्तेजना और समय तीनो चीजों का सही प्रयोग किया जाए तो कितना भी मोटा लिंग हो, वो लड़की की कसी से कसी योनि में प्रवेश कराया जा सकता है।
अचानक दीदी में मैंने अजीब सा बदलाव देखा। दीदी बहुत जोरजोर से सांस लेने लगी थी, उनके स्तन और चुचूक अकड़ गए थे। दीदी के भगहोष्ट जावेद के लिंग के ऊपर फड़फड़ाते हुए खुल-बंद हो रहे थे।
दीदी ने जावेद को अपने हाथो और टांगों की जकड़ में कैद कर लिया ताकि वो और झटके न मार पाए। दीदी की योनि से एक तरल द्रव की धार निकल आई और नीचे बेडशीट को भिगोने लगी। मैंने पहली बार किसी लड़की का स्खलन देखा था। दीदी स्खलित हो गई थी।
जावेद ने झटके और तेज मारने शुरू किये। दो मिनट में ही उसके शरीर में कम्पन शुरू हो गए और एक जोरदार शॉट के बाद वो दीदी की टांगों के बीच धंस गया और वैसे ही दीदी के ऊपर लेट गया। उसकी कमर में हल्के हल्के कम्पन दिख रहे थे। कुछ ही देर में उसका शरीर ढीला हो गया। काफी देर वो दीदी के ऊपर लेटा रहा।
दीदी उसकी गर्दन, कान और होठों को बार बार चूम रही थी और आत्मसंतुष्टि के भाव के साथ मुस्कुरा रही थी।
पाँच मिनट बाद दीदी ने जावेद को अपने ऊपर से उठने को कहा। जावेद दीदी के ऊपर से उठा उसने लिंग को दीदी की योनि से बाहर निकाला। उसके लिंग से चिपचिपा सा द्रव टपक रहा था। लिंग के निकलते ही दीदी की योनि से भी वो चिपचिपा द्रव यानि जावेद का वीर्य ढलक कर निकला और दीदी के चूतड़ों की घाटी से होते हुए चादर पर गिर गया।
जावेद बगल में ही दीदी के बिस्तर पर सुस्ताने लगा। दीदी ने उसके लिंग को मुँह में ले लिया और चूस कर उस पर लगे वीर्य को साफ़ किया फिर चूस कर लिंग से वीर्य की आखरी बूँद तक निचोड़ ली। फिर दीदी भी जावेद के बगल में लेट गई। दोनों एक दूसरे की तरफ मुँह करके करवट पर लेते हुए हल्के हल्के बतिया रहे थे।
मैं सोच रहा था कि अब दीदी की आज रात की कामक्रीड़ा पर विराम लगेगा। मगर ऐसा नहीं था, उनकी बातें सुनकर मेरा भ्रम दूर हो गया।
दीदी जावेद के लिंग को हाथ में लेकर खेल रही थी, जो अब शिथिल होकर मात्र 6-7 इंच का रह गया था। जावेद उनके स्तनों और चुचूकों से खेल रहा था। वो हँसते मुस्कुराते हुए बातें कर रहे थे।
जावेद ने दीदी से कहा- मजा आ गया आज रात ! और तुम्हें?
दीदी- मुझे भी आया !
जावेद- दुबारा करोगी ?
दीदी- बिल्कुल !
जावेद- तो पहले इसे तो खड़ा करो! (जावेद का इशारा अपने लिंग की तरफ था)
दीदी- हो जाएगा, एक बार टायलेट हो आओ, मैं भी हो आती हूँ, दोनों तैयार हो जायेंगे।
जावेद- ठीक है !
इतना कह कर दोनों एक दूसरे से चिपट गए जैसे एक दूसरे को लील जायेंगे। दीदी ने उस रात जावेद के साथ तीन बार कामक्रीड़ा की। जावेद सुबह नौ बजे तक उनके साथ ही सोया रहा। जावेद दीदी का सबसे प्रिय नौकर था, जिसकी वजह में जानता था। मैं एक महीना मुंबई रुका था, मैंने हर रात दीदी की हर नौकर के साथ कामक्रीड़ा का नज़ारा देखा। अब मुझे यह देखने में गुस्सा नहीं आता था, क्योंकि इसमें दोष उसका नहीं था। दीदी एक तो 18 साल की थी जिस उम्र में सेक्स की इच्छा बलवती होती है। दूसरे वो उस घर में अकेलापन महसूस करती थी, जिसको दूर करने के लिए कोई विकल्प न मिलने पर दीदी ने अपने नौकरों का सहारा लिया और धीरे धीरे वो उन नौकरों के करीब होती गई और एक दिन इतना ज्यादा करीब हो गई कि दीदी ने खुश रहने का सबक सीख लिया।
एक दिन जावेद ने दीदी के साथ पहली बार गुदामैथुन भी किया जो कि मेरे लिए एकदम नया अनुभव था। आपको उसकी कहानी भी किसी दिन भेजूंगा..